कार्यक्रम रात्रि 8 बजे 'गणेश ओम बोलो गणेश ओम' से गणेश भगवान को वन्दन करते हुए शुरू हुआ। 'जय गुरू ओंकारा',' जय-जय भवानी मां', 'शिव ओम शिवा' तथा 'हे नन्द नन्द गोपाला' आदि भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। कुछ देर के ध्यान के पश्चात आर्ट ऑफ लिविंग की टीम ने 'राधे-राधे श्याम मिला दे', 'भोले की जय-जय' तथा 'मिठे रस से भरी राधा रानी लागे' गाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। 'सागर में इक लहर उठी तेरे नाम की' गीत द्वारा जिन श्रद्धालुओं का जन्मदिवस था, उन्हें शुभकानाएं दी गईं। इस अवसर पर बैंगलोर से पधारी प्रशिक्षिका सुश्री शोभा बागरेचा तथा स्थानीय प्रशिक्षिका श्रीमती मीतू शर्मा भी उपस्थित थीं। विनोद गोयल, सुनील अग्रवाल, सुरेन्द्र चौधरी, बबीता चौधरी तथा रीतू अदलखा के साथ गिटार पर पंकज पाहवा तथा ढोलक पर वासुदेव ने संगत की। आगे पढ़ें...





